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चेक कितने प्रकार के होते है? | Types of Cheque in Hindi

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दोस्तों आज के आर्टिकल में हम चेक कितने प्रकार के होते है? (Types of Cheque) के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ना ताकि आपके सवालों के जवाब आपको मिल सके।

चेक क्या है? (What is Cheque in Hindi)

हम सब ने चेक को कभी ना कभी देखा है। वैसे तो चेक एक कागज है परंतु उसकी कीमत लाखों की हो सकती है। बैंक के द्वारा खाताधारक को चेक दिया जाता है। चेक भुगतान के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए डायरेक्ट पैसे ना दे कर भुगतान किया जा सकता है।

चेक में कुछ माहिती देनी पड़ती है जैसे कि आप जिसे पैसे देना चाहते हो उसका नाम लिखना होता है। साथ ही साथ आपको उस व्यक्ति को कितने पैसे देने हैं वह भी लिखना होता है। चेक देने की तारीख और आखिर में आपके हस्ताक्षर करने पड़ते हैं। चेक हासिल करने वाला व्यक्ति चेक को बैंक में ले जाकर जमा कराता है और अपने अकाउंट में डाल देता है। इसके बाद जितनी रकम आपने उसे दी होगी इतनी रकम उसके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगी।

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सरल शब्दों में कहे तो चेक, बिना केस का भुगतान है जैसे इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर।

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चेको का स्थान के आधार पर वर्गीकरण (Categorization of Cheque by Location)

स्थानीय चेक (Local cheque)

यदि आपको आपके ही शहर में चेक को क्लियर करवाना हो तो उसे स्थानीय चेक कहते हैं। यानी कि city a का चेक city a मैं ही क्लियर हो तो उसे स्थानीय चेक कहते हैं। दूसरे शब्दों में बताइए तो अगर आपको कोई इस प्रकार का चेक देता है तो आप इसे लेकर शहर के संबंधित ब्रांच में ही चेक को क्लियर करवा सकते हो। अगर आप शहर के बाहर ले जाकर उसे क्लियर करवाओगे तो उसका अलग से पैसा लगेगा।

आउटस्टेशन चेक

अगर आप स्थानीय चेक को शहर के बदले बाहर ले जाकर क्लियर करवाते हो तो उसे आउटस्टेशन Cheque कहते हैं जिसके लिए बैंक आपसे निश्चित किए गए पैसे लेगी।

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एट पार चेक

इस प्रकार के चेक के जरिए आप पूरे देश में संबंधित बैंक की शाखा हो से चेक क्लियर करवा सकते हो।

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चेकों का मूल्य के आधार पर वर्गीकरण (Classification of cheques by value)

साधारण मूल्य वाले चेक

यदि आप किसी को एक लाख से कम मूल्य वाला चेक देते हो तो उसे नॉरमल वैल्यू चेक कहा जाता है।

ऊंचे मूल्य वाले चेक

यदि आप किसी को एक लाख से ज्यादा रकम वाला चेक देते हो तो उसे हाई वैल्यू चेक कहा जाता है।

उपहार चेक

यदि आप कोई त्योहार के मौके पर अपने प्रिय जनों को उपहार के स्वरुप में चेक गिफ्ट में देते हो तो उसे उपहार चेक कहते हैं। इस प्रकार के चेक की मूल्य राशि ₹100 से लेकर ₹10000 तक की होती है।

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चेक मुख्य तीन प्रकार के होते हैं :

खुला चेक (Open Cheque)

इस प्रकार के चेक बैंक में प्रस्तुत कर काउंटर पर ही नकद पैसे प्राप्त किए जा सकते हैं। खुले चेक के क्लियर होने के लिए आपको इंतजार नहीं करना पड़ता। यह गिव एंड टेक मेथड पर कार्य करता है। जिसके जरिए चेक धारण करने वाला व्यक्ति काउंटर में जाकर चेक दिखाकर पैसे ले सकता है या फिर अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा सकता है। यदि वह चाहे तो Cheque के पीछे हस्ताक्षर करके किसी अन्य व्यक्ति को प्राधिकृत कर सकता है।

बेयरर चेक (bearer Cheque)

इस प्रकार के चेक में खाताधारी का कोई भी प्रतिनिधि बैंक में जाकर चेक क्लियर करवा सकता है। प्रतिनिधि को बैंक में चेक देते समय चेक के पीछे हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं होती। इस प्रकार के चेक में रिस्क होता है, क्योंकि अगर आप चेक कहीं पर भूल जाते हो और कोई दूसरा उसे लेकर बैंक में जाता है तो वह भी चेक को भुना सकता है।

क्रॉस्ड चेक (Crossed Cheque)

इस प्रकार के चेक मे किसी विशेष व्यक्ति या संस्था के नाम का उल्लेख किया जाता है। और ऊपर की तरफ बायी ओर दो समांतर लाइने करने में आती है। इस प्रकार के चेक में नकद निकासी नहीं हो सकती। साथ ही साथ Cheque में लिखी गई राशि केवल संबंधित नामित व्यक्ति क्या संस्था के खाते में चली जाती है।

आदेश चेक (Order Cheque)

यदि आप चेक मे bearer शब्द को निकाल कर उसके स्थान पर order लिख देते हो तो उसे आदेश चेक कहते हैं। इस चेक के जरिए आप अपने अकाउंट में पैसे को ट्रांसफर करवा सकते हैं। या फिर चेक के पीछे अपने हस्ताक्षर करके किसी अन्य व्यक्ति के खाते में इसे डलवा सकते हो।

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चेक का गारंटी भुगतान के आधार पर वर्गीकरण (Classification of cheques on the basis of guaranteed payment)

सेल्फ चेक : यदि खाताधारक बैंक में प्रत्यक्ष भुगतान के लिए स्वयं जाकर Cheque को प्रस्तुत करता है और भुगतान पाने वाले व्यक्ति के स्थान पर सेल्फ लिखता है तो उसे सेल्फ चेक कहते हैं।

आगे की तारीख वाला चेक : यह एक ऐसा चेक है जिसमे क्रॉस कीया हुआ बेयरर चेक होता है जिसमें आगे की तिथि डाली जाती है। इसका मतलब यह होता है कि इस चेक का भुगतान अंकित तिथि या फिर उसके बाद ही हो सकता है।

पीछे की तारीख वाला चेक : इस प्रकार के चेक मे बैंक में प्रस्तुत करने के पहले की तिथि होती है। इसे अंतिम तारीख से 3 महीने के पूरा होने तक भुनाया जा सकता है।

काल बाधीत चेक : सभी प्रकार के चेक में अंकित तिथि के 3 महीने के अंदर अंदर भुनाने का नियम होता है। अगर कोई कारणवश तिथि पार हो जाती है तो काल बाधीत चेक कहलाता है। इस Cheque को फिर स्वीकार नहीं किया जाता।

Types of Cheque FAQs

1. चेक किसे कहते हैं चेक कितने प्रकार के होते हैं?

Ans : चेक बैंक द्वारा अकाउंट होल्डर को दिए जाने वाला वह भूग्यान का साधन है जिससे ग्राहक किसी अगले व्यक्ति को अपने ही अकाउंट से डायरेक्ट केस न देखकर भुगतान कर सकता है। चेक मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं। 1 खुला चेक खुला चेक। खुला चेक वह चेक है जिसको बैंक में प्रस्तुत कर बैक काउंटर पर ही नगद प्राप्त कर सकते हैं।

2. अधिकतम राशि का चेक कितना होता है?

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Ans : अधिकतम राशि का चेक 2 लाख तक होता है।

3. चेक में कितने पक्षकार होते हैं?

Ans : चेक में तीन पक्षकार होते हैं।

4. चेक की वैधता कितने दिन की होती है?

Ans : चेक की वैधता तीन महीने की होती है।

Last Final Word

दोस्तों यह थी चेक के बारे में जानकारी। हम उम्मीद करते हैं हमारी जानकारी से आपको फायदा रहा होगा। अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए।

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