Career Guide

सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने?

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नमस्कार दोस्तों, क्या आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते है। अगर आप जानना चाहते है की सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने तो आप इस आर्टिकल को जरुर से पढ़ें। हमारे देश में ज्यादातर विद्यार्थियों की रूचि कम्प्यूटर Area में देखनें को मिल रही है, क्योंकि इस विस्तृत क्षेत्र में करियर की संभावनाए अधिक है, जैसे – कम्पूटर हार्डवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सिस्टम आपरेटर आदि, यदि आप एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते है, तो, इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहे है यह आर्टिकल से सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने इसके बारे में आप सभी को हम डिटेल में जानकारी देंगे। जैसे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की स्किल्स क्या होती है, सॉफ्टवेयर इंजीनियर का करियर स्कोप क्या होगा, सॉफ्टवेर डेवलपर वर्क, सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कोर्स क्या-क्या होगा, सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग के लिए बेस्ट कॉलेज कौन-कौनसी है, यह सब जानकारी हम देने वाले है। इस आर्टिकल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर से रिलेटेड हम आपको हर तरह की जानकारी इसमें देंगे। और वह जानकारी आपके लिए बहुत ही मददगार साबित होगी।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने? (how to become software engineer?)

दोस्तों अगर आप लोग सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते है, तो फिर आपकी कोम्पुटर साइंस में interest होना बहुत जरुरी है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपको कोम्पुटर साइंस या फिर इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी से रिलेटेड आपको कोर्स करके इस फिल्ड में एंट्री कर सकते है। कोर्स को पूर्ण करने के बाद आपको Internships करनी पड़ती है। Internships के दैरान आपको ईमानदारी और मेहनत से काम करना चाहिए। आजकल बहुत से लोग इन्टरशिप के द्वारा ही नोकरी हासिल कर जाते है। इसलिए आप इन्टेरशिप के द्वारा ही ज्यादा से ज्यादा प्रेक्टिकल ज्ञान सीखे। इन्टेरशिप पूर्ण होने के बाद आप नोकरी के लिए आईटी और सॉफ्टवेर डेवलपर कंपनी में भी जॉब की तलाश कर सकते है। इसके लिए अच्छा सा रिज्यूम बनाये और अपनी कंम्यूनकेशन स्किल्स का स्ट्रांग करें। कंप्यूटर भाषा और अंग्रेजी भाषा पर अपनी अच्छी पकड़ बनाये। Interview की बहोत अच्छी तैयारी करें। आप कोई भी कंपनी में Interview देने जाए उससे पहले उस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर उसके बारे में सभी तरह की जानकारी हासिल कर लें। अक्सर Interview में ये क्वेश्चन जरूर (definitely question) पूछा जाता है। कि आप इस कंपनी के बारे में क्या-क्या जानते हैं।

आज के इस समय मे बहुत से Software Engineering में डिग्री, डिप्लोमा के विद्यार्थी बेरोजगार घूम रहे है। इसका कारण बस यह है कि उनके अंदर वो सारी जारी कौशलता नही है जोकि एक Software Engineer के लिए बहोत मायने रखता है। न तो उनको कंप्यूटर भाषा की अच्छी सी समझ होती है और न ही उनको communication स्किल अच्छी होती हैं। यंहा मैं आपको Software Engineer के लिए कुछ आवश्यक स्किल्स (Required Skills) बता ने जा रहा हूँ। अगर आप इन पर ध्यान देंगे, तो आप आसानी से software engineer बन सकते है।

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सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग में कोन-कोन से विषय होते है? (What are the subjects in software engineering?)

सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक पेशेवर (professional) डिग्री है। और इस कोर्स में कई तरह के विषयो आते है और उसे पढ़ाया जाता है। तो चलिए जानते है की इस कोर्स में किस किस विषय की study करवाई जाती है और कितने विषय होते है।

सॉफ्टवेयर विकास दृष्टिकोण (Software Development Approaches)

  1. परिचय (Introduction)
  2. एवोल्विंग रोल ऑफ सॉफ्टवेर (Evolving Role of Software)
  3. सॉफ्टवेयर के लक्षण (Software Characteristics)
  4. सॉफ़्टवेयर एप्लिकेशन (Software Applications)

सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रक्रिया (Software Design Process)

  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से क्या तात्पर्य है? (What is meant by software engineering?)
  2. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की परिभाषाएं (definitions of software engineering)
  3. धारावाहिक और रैखिक विकास मॉडल (The serial and linear development model)
  4. पुनरावृत्त विकास मॉडल (Iterative Development Model)
  5. वृद्धिशील विकास मॉडल (The incremental development model)
  6. समानांतर या समवर्ती विकास मॉडल (The parallel or concurrent development model)
  7. हैकिंग (hacking)

सॉफ्टवेयर विश्वसनीयता (Software Reliability)

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  1. परिचय (Introduction)
  2. सॉफ्टवेयर विश्वसनीयता मेट्रिक्स (software reliability metrics)
  3. विश्वसनीयता के लिए प्रोग्रामिंग (programming for reliability)
  4. गलती से बचाव (fault avoidance)
  5. दोष सहिष्णुता (fault tolerance)
  6. सॉफ्टवेयर पुन: उपयोग (software reuse)

लोग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (People and software engineering)

  1. पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (Traditional software engineering)
  2. समस्या समाधान प्रक्रिया में लोगों का महत्व (the importance of people in problem solving process)
  3. लोग कारक (the people factors)
  4. ग्राहक कारक (the customer factor)

सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी और समस्या समाधान (software technology and problem solving)

  1. व्यावसायिक उपकरण को सक्षम करने के रूप में सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी (Software Technology as enabling business tool)
  2. ई-व्यापार क्रांति (E- business revolution)
  3. मामले का अध्ययन (case study)
  4. परिचय (Introduction)
  5. तंत्र की ज़रूरते (system requirement)
  6. वास्तु विकल्प (architectural alternative)

विन्यास प्रबंधन (Configuration management)

  1. परिचय (Introduction)
  2. परिवर्तन प्रबंधन (change management )
  3. संस्करण और रिलीज प्रबंधन (version and release management)
  4. संस्करण पहचान (version identification)
  5. सॉफ्टवेयर की रखरखाव (software maintenance)
  6. रखरखाव प्रक्रिया (the maintenance process)
  7. मेंटेनेन्स कोस्ट (maintenance cost)

सॉफ्टवेर इंजिनियर कौशल (Software Engineer Skills)

आप सब को कोम्पुटर लेंग्वेज की अच्छी तरह से जानकारी होनी चाहिए। जैसे पाइथन (Python), जावा (Java), C++, SQL, C Language, मतलब इत्यादि पर उसकी अच्छी पकड़ होनी जरुरी है। computer program और किडिंग का ज्ञान (Knowledge of coding)। सॉफ्टवेर डेवलोप करने की स्किल्स-लोजिकल थिंकिग एंड प्रोब्लम सोल्विंग (Skills-logical Thinking and Problem Solving) इंग्लिश लेंग्वेज का अच्छा Knowledge होना चाहिए। इंग्लिश को बोलना भी आना चाहिए। आपकी संचार कौशल (communication skills) अच्छी होनी चाहिए। व्यक्तित्व विकास (personality development) भी अच्छी होनी जरुरी है। इंटरव्यू में सभी पुछे जाना वाले सवाल (Question) आपने पहले से ही तैयारनी होनी चाहिए।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में करियर स्कोप क्या है? (Career Scope In Software Engineering?)

वर्तमान (Present) दिवसों में हर सेक्टर में कोम्पुटर वर्क होता है। यह कोम्पुटर के द्वारा अलग सॉफ्टवेर की मदद से काम किये जाते है। कोम्पुटर पर काम करना सॉफ्टवेर द्वारा ही संभव (possible) है। सॉफ्टवेर के बीना कोम्पुटर एक खली मशीन ही है। और इस सॉफ्टवेर को बनाना या उसे ड़ेव्लोप करने का कम सॉफ्टवेयर इंजीनियर करते है। इस प्रकार से सॉफ्टवेयर इंजीनियर (software engineer) यही तौर पर Present समय मे काफी अच्छी संभावनाएं (the possibilities ) है। आपको पता ही होगा की आज की पूरी दुनिया digital हो चुकी है। कंप्यूटर (computer) और सॉफ्टवेयर (software) की मदद से ही सारे काम किये जा रहे है। आप किसी भी आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर कैरियर की शुरआत कर ना चाहे तो आप कर सकते हैं। और अब इसके आलवा एंड्राइड फ़ोन (Android phone) आ गया है और इसके आ जाने से अनेक तरह के मोबाइल App और game designing में कैरियर के अवसर खुल गए है। आप अपना बेस्ट करियर मोबाइल एप डेवलपर या गेम डिजाइनिंग (mobile app developer or game designing) बना सकते हैं।

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सॉफ्टवेर डेवलपर वर्क (Software Developer Work)

सॉफ्टवेर डेवलपर कस्टमर की आवश्यकता (requirement) के आधार पर सॉफ्टवेर डेवलपर और design करने का वर्क करते है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स (software engineering course)

  • बीसीए (BCA) – (कंप्यूटर एप्लीकेशन में बैचलर)
  • एमसीए (MCA) – (कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर)
  • कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक (BTech in computer application)
  • आईटी में बीटेक (BTech in IT)
  • आईटी . में डिप्लोमा (Diploma in IT)
  • कंप्यूटर विज्ञान में डिप्लोमा (Diploma in computer science)
  • कंप्यूटर विज्ञान में बीएससी (BSC in computer science)

BCA course

बीसीए 4 साल का कोर्स होता है। इसका अवधि 3 साल का होता है। और BCA कोर्स की फीस 40 हजार से लेकर 70 हजार प्रतिवर्ष होती है। इसमें एडमिशन के लिए आपको mathematics विषय के साथ 12 वीं पास होना जरुरी है।

MCA course

MCA का फुल फॉर्म मास्टर इन कोम्पुटर एप्लीकेशन है। इसकी अवधि 3 साल की होती है। MCA course की फीस 50 हजार से लेकर 1 लाख तक होती है। और इस कोर्स के लिए किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन साथ ही 12 वीं पीसीएम से हों। वैसे कुछ Institutions में MCA में एडमिशन के लिए BCA या फिर BSC में mathematics से पास हों।

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कंप्यूटर साइंस में बी.टेक या आईटी कोर्स में बी.टेक- (BTech in Computer Science or BTech in IT course)

इस कोर्स को करने के लिए जरुरी योग्यता 12 वीं पीसीएम होती है। और यह कोर्स 4 साल का होता है। इसकी फीस प्रतिवर्ष 60 हजार से लेकर 1 लाख तक होती है। और बीएससी इन कोम्पुटर साइंस के लिए आवश्यक योग्यता (skills required) भी 12 वीं पीसीएम है। यह कोर्स 3 साल से 4 साल तक का होता है। इसकी फीस भी 40 हजार से लेकर 60 हजार प्रतिवर्ष तक की होती है।

कंप्यूटर विज्ञान में डिप्लोमा (Diploma in Computer Science)

अभ्यार्थियों को कोम्पुटर साइंस डिप्लोमा करने के लिए 12 वीं PCM से या फिर 10th साइंस से आपको पास होना है। आप 12 वीं करने के बाद इस कोर्स को करने में 2 साल का टर्म टाइम होता है। 10 वीं पास करने के बाद इस कोर्स को करने में 3 साल का टर्म टाइम होता है। इस कोर्स को दुसरे पोलिटेक्निक के रूप में भी कर सकते है। जिससे करने में आप सब को बहुत ही कम फीस देनी पड़ेंगी।

प्राइवेट संस्था (private organization) में यह कोर्स की फीस 50 हजार से लेकर 80 हजार प्रतिवर्ष तक हो जाती है। अगर आप इनमेसे कोई भी कोर्स को सरकारी कॉलेज (government college) या फिर युनिवरर्सिटी से कर लेते है। तो आप का यह कोर्स बहुत ही कम फीस में कम्लेट हो जाता है। बस उसके लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम को पास करना पड़ेगा।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर का वेतन (software engineer salary)

  1.  एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी कंपनियों पर निर्भर करती है कि आपको किन किन टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर languages की knowledge है।
  2. एक software engineer की शुरुआती सैलरी कम से कम 20 से 40 हजार तक होती है,दिल्ली और बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर इंजीनीयर को 45 से 50 हजार तक रुपए मिलते है।
  3. उसके बाद एक एक्सपर्ट सॉफ्टवेयर इंजीनियर को 70 से 80 लाख प्रतिवर्ष सैलरी मिलती है।
  4. अगर आप किसी multinational कंपनी जैसे Google में काम कर रहे हैं तो आप की सैलरी 1 करोड़ तक भी हो सकती है।

Best college for software engineering course (सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉलेज)

  • आईआईटी बैंगलोर
  • एसआरएम विश्वविद्यालय
  • आईआईटी हैदराबाद
  • आईआईटी दिल्ली
  • सी इस जे एम विश्वविद्यालय कानपूर
  • बिट्स पिलानी
  • ईट कानपुर
  • आईआईटी मद्रास
  • एमिटी विश्वविद्यालय
  • तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद
  • दिल्ली विश्वविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय,
  • भोपाल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस
  • वीआईटी विश्वविद्यालय
  • बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बंगलौर
  • वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थान, वेल्लोर
  • जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता
  • बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसर
  • गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर
  • गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज
Last Final Word :

दोस्तों, हम उम्मीद करते है की सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने की पूरी जानकारी के बारे में इस आर्टिकल के जरिये आपको पता चल गया होगा जैसे सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग में कोन-कोन से विषय होते है, सॉफ्टवेयर इंजीनियर कौशल,सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में करियर स्कोप क्या है?, सॉफ्टवेर डेवलपर वर्क, सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग कोर्स, सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग का वेतन, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉलेज जैसी सभी माहिती से आप वाकिफ हो चुके होगे।

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