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संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है?

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नमस्कार दोस्तों! आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे की संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है? (What Is United Nations Organization In Hindi) और इसके बारे में पूरी जानकारी जैसे की संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना, संयुक्त राष्ट्र संघ का इतिहास, संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग, संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय, संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज, संयुक्त राष्ट्र संघ की अधिकारिक भाषा, भारत – संयुक्त राष्ट्र संघ संबंध, संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश आदि के बारे में विस्तुत में जानेंगे। इस आर्टिकल के जरिये हम आज संयुक्त राष्ट्र संघ और उनसे जुडी सभी चीजों को विस्तार से जानेंगे, तो आइये जानते है की संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है?

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संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है? (what is United Nations Organization?)

संयुक्त राष्ट्र संघ यानि कि यूनाइटेड नेशनस आर्गेनाइजेशन। संयुक्त राष्ट्र संघ एक आंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, आर्थिक विकास, आंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक प्रगति, मानव के अधिकार, विश्व की शांति के लिए काम करता है।

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संयुक्त राष्ट्र संघ के संविधान को चार्टर (Charter) कहते है। चार्टर के अंदर ही यानि राष्ट्रसंघ (UN) के संविधान के अंदर ही उनके मुख्य अंगों के बारे में विस्तार में दर्शाया गया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई? (When was the United Nations Organization established?)

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24th October 1945 में हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के अधिकार पत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर हुए थे। द्वितीय विश्वयुद्ध में जीते हुए देशों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्रसंघ को आंतर्राष्ट्रीय संघर्ष में हस्तक्षेप करने के लक्ष्य से UN संघ की स्थापना हुई थी।

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना इसलिए की गयी है ताकि किसी भी तरह के युद्ध से विश्व की शांति भंग न हो पाए। संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, रूस, और यूनाइटेड किंगडम आदि जैसे देश संयुक्त राष्ट्र संघ के सबसे बड़े शक्तिशाली देश है।

संयुक्त राष्ट्र संघ में आज कुल 193 सदस्य है। सभी राष्ट्रों की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही सोवियत राष्ट्र संघ के सभ्य देशों की संख्या भी लगातार बढ़ती गई है। संयुक्त राष्ट्र को चलाने में सभी देश योगदान भी देते है। सभी देशो की स्थिति को देखकर ही योगदान नक्की किया जाता है।

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संयुक्त राष्ट्र संघ की बहोत सारी संस्थान है, जो कि अलग अलग तरह के विवाद को हल करती है जैसे की, अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ, खाद्य एंव कृषि संगठन, विश्व बैंक, यूनेस्को, विश्व स्वास्थ्य संगठन आदि। संयुक्त राष्ट्र संघ में सबसे अधिक योगदान देखे तो वह अमेरिका का योगदान है। संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना में आम सभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक व सामाजिक परिषद, सचिवालय और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय सम्मिलित है।

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संयुक्त राष्ट्र संघ का इतिहास (History of the United Nations)

संयुक्त राष्ट्र संघ एक आंतर्राष्ट्रीय संगठन के रचना का पुरे विश्व का द्वितीय प्रयास था। राष्ट्र संघ की असफलता ने एक नए ही संगठन की स्थापना के विचार को जन्म दिया जो सभी व्यवस्था पर केंद्रीय योगदान अदा करे। जो आंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को अधिक न्याय उचित बनाने का कार्य करे। संयुक्त राष्ट्र संघ की निर्माण का विचार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सामने आया। यह विचार 12th June,1941 को London में 5 राष्ट्रमंडल सदस्यों और 8 यूरोपीय निवार्सित सरकारों के हस्ताक्षरित अंतर्-मैत्री उद्धोषणा में पहेली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया। इस अंतर्-मैत्री उद्धोषणा के द्वारा आज़ाद विश्व और लोग शांति से और सेफ रह सकते है। इस घोषणा के बाद अटलांटिक चार्टर पर 14th August, 1941 को हस्ताक्षर किया गया।

अटलांटिक चार्टर को संयुक्त राष्ट्र संघ के जन्म सूचक के रूप में माना जाता है। इस अटलांटिक चार्टर पर उस समय के ब्रिटिश प्रधानमंत्री Sir Winston Leonard Spencer Churchill, अमेरिका के राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt दोनों के द्वारा हस्ताक्षर किये गए। 1st January,1942 की साल में वाशिंगटन में अटलांटिक चार्टर का समर्थन करने वाले कुल 26 देशों ने संयुक्त राष्ट्र यानि की UN की घोषणा पर हस्ताक्षर किये। संयुक्त राष्ट्र संघ का नाम सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt द्वारा लिया गया। चीन, इंग्लैंड, सोवियत संघ और अमेरिका के द्वारा मास्को में 30th October,1943 को सामान्य सुरक्षा को लेकर हस्ताक्षर किये गए।

अमेरिका के राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt, ब्रिटिश प्रधानमंत्री Sir Winston Leonard Spencer Churchill, सोवियत संघ के प्रधानमंत्री Joseph Vissarionovich Stalin ने नवम्बर-दिसम्बर, 1943 की साल में तेहरान में मुलाकात ली और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की स्थापना के संबंधी विचारों को लेकर बैठक हुई थी। यह बैठक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुयी सबसे पहली बैठक थी। अमेरिका के राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt, ब्रिटिश प्रधानमंत्री Sir Winston Leonard Spencer Churchill, सोवियत संघ के प्रधानमंत्री Joseph Vissarionovich Stalin द्वारा August,1944 में वाशिंगटन में डमबर्टन ओक्स एस्टेट में अनेक बैठक बुलाई गई और सभी बैठक का उद्देश्य सिर्फ शांतिरक्षक योजना के मूल डालना था, और वह इस योजना में सफल भी हुए।

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7th October,1944 की साल में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावित संरचना को प्रकाशित किया गया था। February, 1945 की साल में याल्टा सम्मेलन में इस प्रस्तावित संरचना के विषय पर अमेरिका, सोवियत संघ, ब्रिटेन के राष्ट्र अध्यक्षों की बैठक हुई थी। अंतरराष्ट्रीय संस्था से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में कुल 50 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। 25th April, 1945 की साल में सेन फ्रांसिसको में हुए सम्मलेन को अंतिम सम्मेलन माना जाता है क्योंकि इसी सम्मेलन में नए संगठन का संविधान तैयार किया गया और दर्शाया गया।

26th, June 1945 की साल में सभी 50 देशों ने एक ही साथ में अटलांटिक चार्टर पर हस्ताक्षर किये। लेकिन किसी कारण की वजह से पोलैंड देश इस सम्मेलन में भाग न ले सका परन्तु बाद में पोलैंड देश ने भी अटलांटिक चार्टर पर अपने हस्ताक्षर किये और पोलैंड देश भी संस्थापकों की सूचीपत्र में शामिल हो गया।

लिखित प्रमाणों की अपेक्षित संख्या को देखकर अमेरिका विदेश विभाग में जमा होने के बाद 24th October,1945 की साल से अटलांटिक चार्टर प्रभावित हो गया। सभी हस्ताक्षर करता देश अटलांटिक चार्टर का अप्रूवल 31st December,1945 की साल तक कर चुके थे। लेकिन समय के साथ साथ सोवियत राष्ट्र संघ के सदस्य देशों की संख्या भी लगातार बढ़ती ही गई है और आज सदस्य देशों की संख्या 193 है। 24th October को हर साल संयुक्त राष्ट्र दिन के रूप में मनाया जाता है।

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संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग:

संयुक्त राष्ट्र संघ के संविधान को चार्टर (Charter) कहते है ये तो हम सबने आगे जान ही लिया। तो आइये अब देखते है की संयुक्त राष्ट्र संघ के कुछ मुख्य अंग कौन कौन से है?

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संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य अंग निम्नलिखित है:

  • सुरक्षा परिषद (Security Council)
  • न्यायसिता परिषद (Trusteeship Council)
  • महासभा (General Assembly)
  • समाजिक आर्थिक परिषद (Economic And Social Council)
  • सचिवालय (Secretariat)
  • आंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court Of Justice)

इनके बारे में विस्तृत वर्णन निम्नलिखित है :

सुरक्षा परिषद (Security Council):

संयुक्त राष्ट्र संघ का दूसरा महत्वपूर्ण अंग सुरक्षा परिषद है। सुरक्षा परिषद के कार्यो को कुल तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है, सुरक्षा परिषद् के कार्यो को निम्नलिखित दर्शाया है :

  • कार्य और शक्तियां
  • संरचना
  • निषेद अधिकार।

यह कार्यो के बारे में विस्तृत वर्णन निम्ननलिखित है :

कार्य और शक्तियां: सुरक्षा परिषद के कार्य और शक्तिओ के बारे में जानना हमारे लिए बहोत ही जरुरी है। सुरक्षा परिषद का सबसे पहला काम है- अंतरराष्ट्रीय शांति को कायम करना, विवादित देशों के बीच मध्यस्थता बनाये रखना, राष्ट्रिय संघ के सभी सदस्यों की सुरक्षा करना, विवादित देशों के बीच के सभी मतभेदों को दूर करना, देशों के बिच विवाद का समाधान करना, शांति दूत भेजना, आक्रमणकारी देशों के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाना।

संरचना: सुरक्षा संस्था में कुल 15 सदस्य होते है। जिसमे 10 अस्थायी सदस्य है और 5 स्थायी सदस्य है। अस्थायी सदस्यों का चुनाव 2 वर्ष के लिए होता है, जो महासभा के द्वारा किया जाता है और स्थायी सदस्य के नाम कुछ इस तरह है : अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन आदि। मतलब की कहने का भाव यह है कि स्थायी सदस्य कभी नहीं बदलते है।

निषेद अधिकार: निषेद अधिकार सुरक्षा परिषद का तीसरा और महत्वपूर्ण अधिकार है। सुरक्षा परिषद में जब भी कोई निर्णय लेना होता है तब 15 सदस्यों में से कुल 9 सदस्यों की सहमति आवश्यक है, इस सहमति में 5 स्थायी सदस्यों की सहमति भी बहोत ही जरुरी है। अगर लिए गए निर्णय में पांच स्थायी सदस्यों में से एक सदस्य भी सहमत नहीं है तो उस निर्णय को सहमति नहीं मिल सकती है। सरल शब्दों में कहे तो 15 सदस्यों में से अगर 14 सदस्य सहमत है लेकिन 1 स्थायी सदस्य सहमत नहीं है तो फिर उस निर्णय को सहमति नहीं मिलती है। और इसका मतलब यह है की स्थायी सदस्यों की सहमति होना बहोत ही जरुरी है। और इसको वीटो पावर कहा जाता है। इसीलिए सारे महत्वपूर्ण फैसले सुरक्षा परिषद के द्वारा ही लिए जाते है।

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न्यायसिता परिषद (Trusteeship Council) :

न्यायसिता परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। न्यायसिता परिषद अपने तहत आनेवाले हर एक देशों को योग्य बनाने के लिए कोशिश करता है। ताकि वह देशो अपना शासन अपनेआप यानि की खुद चला सके। लेकिन एसा कोई देश नहीं रहा जो लंबे समय तक इस परिषद के अर्तगत जुड़ा रहे जिस कारण न्यायसिता परिषद को 1994 की साल में समाप्त करना पड़ा।

महासभा (General Assembly) :

महासभा यूनाइटेड नेशन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरल शब्दों में बात करे तो जो देश संयुक्त राष्ट्र संघ का हिस्सा होता है वह देश महासभा का भी सभ्य होता है। आज संयुक्त राष्ट्र संघ के कुल 193 सदस्य है। महासभा परिषद् का कार्य विचार विमर्श करना, किसी नए देश को यूएन का सदस्य बनने की छूट देना, महासभा किसी भी सदस्य की सदस्यता को समाप्त भी कर सकता है, सुरक्षा परिषद के महासचिव की नियुक्ति करने का कार्य आदि।

समाजिक आर्थिक परिषद (Economic And Social Council) :

समाजिक आर्थिक परिषद का निर्माण UN के पिछड़े देशों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए किया हुआ था। इस समाजिक आर्थिक परिषद के अंदर कुल 54 सभ्य है। जिनको 3 साल की अवधि के लिए महासभा द्वारा चुना जाता है। समाजिक आर्थिक परिषद, समाजिक आर्थिक विकास से जुड़े सभी काम करता है। समाजिक आर्थिक परिषद के अधीन काफी सारी एजंसियां भी काम करती है। जैसे कि, UNICEF, ILO, WHO, NGO आदि एजेंसी है जो सामाजिक आर्थिक विकास के लिए काम करती है।

सचिवालय (Secretariat) :

सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का एक प्रशासनिक अंग है। सचिवालय के प्रमुख कर्मचारी को महासचिव कहा जाता है, सचिवालय के अंदर बहोत से कर्मचारी काम करते है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव Portugal देश के एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) है।

आंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court Of Justice) :

आंतर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का सबसे महत्वपूर्ण और न्यायिक हिस्सा है। आंतरराष्ट्रीय न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते है, जिनको 9 वर्ष के लिए महासभा परिषद द्वारा चुना जाता है। जिनमे से 5 न्यायाधीश का कार्यकाल समय 3 वर्ष का होता है और उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद तुरंत ही नए न्यायाधीशो का चुनाव किया जाता है। आंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का काम क़ानूनी विवादों की पुष्टि करना, सुरक्षा परिषद और महासभा परिषद को क़ानूनी सलाह देना और आंतर्राष्ट्रीय कानून और संधियों की व्याख्या करना।

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संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय

संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य ऑफिस यानि की मुख्यालय अमेरिका के न्यूयोर्क सिटी में उपलब्ध है। इस मुख्यालय का निर्माण इ.स. 1949 से1950 की साल तक हुआ था। इस भवन का आधिकारिक रूप प्रयोग में 9th January 1951 में हुआ था।

संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज

संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज के बैकग्राउंड का रंग हल्के नीले रंग का होता है और उस पर सफ़ेद रंग के राष्ट्र संघ का प्रतीक बना हुआ होता है। यह प्रतीक, दो जैतून की वक्राकार शाखाएँ है जो ऊपर से खुली होती है और उनके बीच में विश्व का मानचित्र बना होता है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषा

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कुल 6 भाषाओं को राज भाषा के रूप में स्वीकार किया है। यह भाषाओ के नाम:- अंग्रेजी, अरबी, चीनी, फ्रांसीसी, रुसी और स्पेनी है। UN में मुख्य रूप से अंग्रेजी और फ्रांसीसी इन दो भाषाओं के द्वारा संचालन किया जाता है।

भारत – संयुक्त राष्ट्र संघ संबंध

भारत, संयुक्त राष्ट्र संघ उन प्रारंभिक सदस्यों में शामिल था, जिन्होंने 1st January,1942 की साल में अमेरिका के वाशिंग्टन शहर में संयुक्त राष्ट्र संघ घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे तथा 25th अप्रैल से 26th June, 1945 की साल तक सेन फ्रांसिस्को में ऐतिहासिक संयुक्त राष्ट्र संघ का आंतर्राष्ट्रीय संगठन सम्मेलन में भी भाग लिया था। UN के संस्थापक सभ्य के रूप में भारत, संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों और सिद्धांतो का समर्थन करते है।

संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य क्या है?

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना आंतर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा को कायम रखने के लिए ही की गई है। संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख उदेश्य युध्धों की उत्पत्ति न होने देना और सभी देशो में शांति बनाए रखने का है। संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरुआत सबसे पहले विश्व युद्ध के विनाश के बाद 1945 के साल में हुई थी, आज उसका लक्ष्य भावी पीढ़ियों को युद्ध के भय से बचाना है। UN का प्रमुख उदेश्य शांति और राष्ट्रों के बीच मित्रतापूर्ण भाव के संबंधो को बढ़ावा देना है।

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Last Final Word :

दोस्तों, हम उम्मीद करते है की संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है? की पूरी जानकारी के बारे में इस आर्टिकल के जरिये आपको पता चल गया होगा जैसे संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई?, संयुक्त राष्ट्र संघ का इतिहास, संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग, संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय, संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज, संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषा, भारत – संयुक्त राष्ट्र संघ संबंध, संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य क्या है? जैसी सभी माहिती से आप वाकिफ हो चुके होगे।

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